Haryana Weather: हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में इस बार मानसून का मिजाज सामान्य वर्षों से अलग नजर आ रहा है। कई इलाकों में बादल तो बन रहे हैं, लेकिन लगातार और व्यापक बारिश देखने को नहीं मिल रही। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अल-नीनो जैसी परिस्थितियों का असर मानसून की गतिविधियों पर साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे में लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है और अच्छी बारिश का इंतजार अभी थोड़ा और लंबा हो सकता है।
उत्तरी जिलों में बारिश, दक्षिण और पश्चिम हरियाणा में कमजोर मानसून
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हरियाणा के उत्तरी और पूर्वी जिलों में मानसून का असर बना हुआ है, जबकि दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में बारिश की गतिविधियां काफी कमजोर हैं। लगातार चल रही पश्चिमी हवाएं मानसून को पूरी तरह सक्रिय नहीं होने दे रही हैं। इसी वजह से हिसार, सिरसा, नारनौल और आसपास के क्षेत्रों में उमस और गर्मी का असर बना हुआ है, जबकि उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश देखने को मिल रही है।
18 और 19 अगस्त को कैसी रहेगी बारिश?
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार 18 और 19 अगस्त को हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में केवल छिटपुट बारिश या हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। फिलहाल व्यापक या लगातार बारिश के आसार कम हैं। ऐसे में अधिकांश जिलों में मौसम गर्म और उमस भरा बना रह सकता है। हालांकि स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं बादल गरजने और हल्की बारिश होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
21 से 24 अगस्त के बीच बदल सकता है मौसम
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 21 से 24 अगस्त के बीच पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और मानसूनी सिस्टम के साथ इसके मिलन से हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। यदि यह सिस्टम मजबूत रहता है तो कई इलाकों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। अगस्त के अंतिम सप्ताह में भी मानसून के फिर से सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं, हालांकि अभी व्यापक और लंबे समय तक चलने वाली बारिश की पुष्टि नहीं की गई है।
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का दिखेगा असर
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके अगले 24 घंटों में और मजबूत होने की संभावना है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ उत्तर भारत से होकर गुजर रही है और उत्तर हरियाणा के आसपास चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इन मौसमी सिस्टमों का असर आने वाले दिनों में हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के मौसम पर पड़ सकता है।
तापमान और उमस से अभी नहीं मिलेगी पूरी राहत
बारिश की कमी के कारण राज्य के कई हिस्सों में दिन के समय गर्मी और उमस बनी हुई है। रविवार को हिसार में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। सिरसा में 35.8, पलवल में 35.6 और नारनौल में 35 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। आने वाले कुछ दिनों तक दिन और रात के तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
लोगों और किसानों के लिए जरूरी सलाह
जब तक अच्छी बारिश का दौर शुरू नहीं होता, लोगों को गर्मी और उमस से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने और धूप में लंबे समय तक रहने से बचने की सलाह दी जाती है। किसानों को भी मौसम के ताजा पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। यदि 21 अगस्त के बाद बारिश बढ़ती है तो खेती से जुड़े कार्यों में भी तेजी आ सकती है।
FAQs
1. हरियाणा में अच्छी बारिश कब होने की संभावना है?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 21 से 24 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
2. 18 और 19 अगस्त को मौसम कैसा रहेगा?
इन दिनों अधिकांश क्षेत्रों में केवल हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बारिश की संभावना है।
3. हरियाणा में मानसून कमजोर क्यों पड़ा है?
विशेषज्ञों के अनुसार अल-नीनो और पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से मानसून की सक्रियता प्रभावित हुई है।
4. किन क्षेत्रों में मानसून का असर ज्यादा है?
उत्तरी और पूर्वी हरियाणा में मानसून अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय है।
5. क्या बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर हरियाणा पर पड़ेगा?
हाँ, आने वाले दिनों में इस सिस्टम का असर मौसम पर देखने को मिल सकता है।
6. हरियाणा में सबसे अधिक तापमान कहां दर्ज किया गया?
हिसार में 36 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
7. क्या अगस्त के अंत में भी बारिश की संभावना है?
हाँ, मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगस्त के अंतिम सप्ताह में भी मानसून कुछ सक्रिय हो सकता है।






